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मुजफ्फरपुर BRABU में बड़ा अपडेट: असिस्टेंट प्रोफेसर प्रमाण-पत्रों की जांच तेज, वोकेशनल कोर्स में नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू

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BRABU मुजफ्फरपुर में चयनित असिस्टेंट प्रोफेसरों के संदिग्ध प्रमाण-पत्रों की जांच 15 दिनों में पूरी करने का निर्देश दिया गया है। वहीं वोकेशनल कोर्स में नामांकन के लिए समर्थ पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है।

मुजफ्फरपुर/आलम की खबर:बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) से जुड़ी दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। एक ओर बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग से चयनित असिस्टेंट प्रोफेसरों के संदिग्ध प्रमाण-पत्रों की जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय के वोकेशनल कोर्स में नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

असिस्टेंट प्रोफेसरों के प्रमाण-पत्रों की जांच को लेकर प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय ने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्धारित समय सीमा के अंदर कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने कहा है कि संदिग्ध दस्तावेजों की जांच कर पूरी रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराई जाए, ताकि मामले में आगे की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जा सके।

जानकारी के अनुसार, एक अभ्यर्थी की ओर से की गई शिकायत के बाद यह मामला सामने आया था। शिकायत में कुछ चयनित असिस्टेंट प्रोफेसरों के अनुभव प्रमाण-पत्रों और अन्य दस्तावेजों की प्रमाणिकता पर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय से जांच रिपोर्ट मांगी है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ मामलों में अनुभव प्रमाण-पत्र तैयार करने में अनियमितता हुई है। हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन को सभी संबंधित दस्तावेजों की जांच कर तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।

पहले भी सामने आ चुके हैं प्रमाण-पत्र से जुड़े मामले

विश्वविद्यालयों में फर्जी प्रमाण-पत्र और अनुभव प्रमाण-पत्र को लेकर पहले भी मामले सामने आते रहे हैं। शिकायत में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय से जुड़े एक मामले का भी उल्लेख किया गया है, जहां कथित रूप से गलत अनुभव प्रमाण-पत्र के आधार पर हुई नियुक्ति पर कार्रवाई की गई थी।

अब बीआरए बिहार विश्वविद्यालय से जुड़े मामले में भी सभी संदिग्ध प्रमाण-पत्रों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की तैयारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन को आयोग के निर्देश और नियमों के अनुसार पूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

अधिकारियों का मानना है कि ऐसी जांच से योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा होगी और नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी। यदि किसी दस्तावेज में गड़बड़ी पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वोकेशनल कोर्स में नामांकन के लिए आवेदन शुरू

दूसरी ओर बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में सत्र 2026-27 के लिए वोकेशनल कोर्स में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई है।

छात्र मंगलवार 16 जून से 22 जून तक विभिन्न वोकेशनल पाठ्यक्रमों में नामांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय के कई अंगीभूत और संबद्ध कॉलेजों के साथ-साथ विभिन्न विभागों में संचालित वोकेशनल कोर्स की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है।

BRABU में वर्तमान समय में कई रोजगारपरक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन कोर्सों में दाखिले के लिए इच्छुक छात्र ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को सलाह दी है कि आवेदन करने से पहले संबंधित कोर्स, सीट और पात्रता की जानकारी अच्छी तरह जांच लें।

आवेदन शुल्क में हुई बढ़ोतरी

वोकेशनल कोर्स में नामांकन के लिए आवेदन शुल्क में इस बार बदलाव किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आवेदन शुल्क में 200 रुपये की वृद्धि की है। अब छात्रों को ऑनलाइन आवेदन करते समय 800 रुपये शुल्क जमा करना होगा।

विश्वविद्यालय अधिकारियों के अनुसार शुल्क में बदलाव प्रशासनिक प्रक्रिया और ऑनलाइन व्यवस्था से जुड़े खर्चों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। छात्रों को आवेदन की अंतिम तिथि से पहले शुल्क जमा कर फॉर्म पूरा करने की सलाह दी गई है।

छात्रों के लिए महत्वपूर्ण समय

BRABU के वोकेशनल कोर्स में दाखिले की प्रक्रिया शुरू होने से बड़ी संख्या में छात्रों को लाभ मिलेगा। रोजगार से जुड़े पाठ्यक्रमों में युवाओं की रुचि लगातार बढ़ रही है। ऐसे में विश्वविद्यालय की ओर से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करना छात्रों के लिए सुविधाजनक साबित होगा।

वहीं असिस्टेंट प्रोफेसरों के प्रमाण-पत्र जांच मामले में प्रशासन की सख्ती से विश्वविद्यालय में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। नियुक्ति प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता को रोकने के लिए दस्तावेजों का सत्यापन महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

फिलहाल BRABU प्रशासन के सामने दोनों महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। एक तरफ संदिग्ध प्रमाण-पत्रों की जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपनी है, वहीं दूसरी तरफ नए सत्र में वोकेशनल कोर्स में नामांकन प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा कराना है।

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बीआरए बिहार विश्वविद्यालय से जुड़ी दोनों खबरें शिक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। असिस्टेंट प्रोफेसरों के प्रमाण-पत्रों की जांच का उद्देश्य नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है। उच्च शिक्षा संस्थानों में योग्य शिक्षकों की नियुक्ति के लिए दस्तावेजों का सही सत्यापन बेहद जरूरी होता है।

किसी भी तरह की अनियमितता से न केवल योग्य उम्मीदवारों को नुकसान पहुंचता है बल्कि संस्थान की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है। इसलिए जांच प्रक्रिया समय सीमा के अंदर पूरी होना जरूरी है।

दूसरी ओर वोकेशनल कोर्स में ऑनलाइन आवेदन शुरू होना छात्रों के लिए अच्छी खबर है। रोजगार आधारित शिक्षा आज के समय की जरूरत बन चुकी है। ऐसे पाठ्यक्रम युवाओं को कौशल और करियर के बेहतर अवसर प्रदान कर सकते हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन को चाहिए कि नामांकन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाए रखे, ताकि अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें।

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